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  • हिंदी ब्लॉग जगत को तोहफा, नया एग्रीग्रेटर 'ब्लॉग प्रहरी' लांच

    हिंदी ब्लॉगजगत के लिए खुशखबरी। एक नया ब्लॉग एग्रीग्रेटर ब्लॉग प्रहरी डॉट कॉम  शुरू हो गया है। एक अक्टूबर, 2009 को इसे बाकायदा ब्लॉग जगत को स‌मर्पित कर दिया गया है। यह एग्रीग्रेटर मौजूदा एग्रीग्रेटरों स‌े कई मायने में अलग होगा। एग्रीगेटर होने के बावज़ूद इसकी कार्य-प्रणाली विस्तृत और नियंत्रित होगी। यह कहना है एग्रीग्रेटर के स‌ंस्थापक कनिष्क कश्यप का। कनिष्क का कहना है कि हम ब्लागप्रहरी को एक एग्रीगेटर के रूप में नहीं, बल्कि विचार-विमर्श और ब्लॉगिंग के एक सार्थक प्लेटफार्म के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। जैसा कि नाम से ही स‌ाफ है, इसका एकमात्र लक्ष्य ब्लॉग जगत में एक आदर्श ब्लॉगिंग के मापदंड की स्थापना करना और ब्लॉगिंग जैसे सशक्त, अभिव्यक्ति के हथियार को धारदार बनाये रखना है।prahri

    क्या है योजना?

    ब्लॉगप्रहरी एक अत्यन्त आधुनिक और नियंत्रित ब्लॉग एग्रीगेटर होगा। यहां पर चुनिन्दा ब्लॉग और लेखकों के लेख हीं प्रकाशित होंगे, जिसका फैसला15 सदस्यीय ब्लॉगप्रहरी की टीम करेगी। यह टीम ब्लागर्स के सुझाव से ही बनाई जाएगी। इसमें लगातार नये ब्लॉग शामिल किए जाते रहेंगे। अनुचित सामग्री और अमर्यादित भाषा प्रयोग परसदस्यता समाप्त कर दी जाएगी या फिरअस्थायी प्रतिबंध जैसी  व्यवस्था होगी। यह एग्रीग्रेटर पूरी तरह निशुल्क है। इसका एकमात्र मकसद ब्लॉग को वैकल्पिक मीडिया के रूप में स्थापित करना है।

    इसकी क्या जरूरत थी?

    मौजूदा एग्रीगेटर सभी प्रविष्टियों को एक जगह दिखाते हैं। पाठक के लिए यह चुनना मुश्किल होता है कि क्या पठनीय है और क्या नही? आजकल फालतू विषयों पर लेख, व्यक्तिगत आक्षेप, आरोप-प्रत्यारोप, अमर्यादित भाषा शैली का प्रयोग कर अपनी पोस्ट पढ़वाने का चलन जोर पकड़ रहा है।कई बार अच्छे लेख भी नही पढ़े जाते और एग्रीगेटर के पहले पेज से मौजूदगी मिटते ही उनका सार्वजनिक अस्तित्व खत्म हो जाता है।

    क्यूं अलग है ब्लॉगप्रहरी?

    यहां प्रविष्टियों का संकलन और प्रकाशन वर्गीकृत होगा।हमारी तकनीक उनको लम्बे समय तक दिखाने में सक्षम है। मुख्य पृष्ठ पर 400 से ज्यादा चिट्ठे देखे जा सकेंगे। अहम और खास चिट्ठों को फीचर पोस्ट कैटेगरी के तहत दिखाया जायेगा। यह आटोमेटेड स्लाइड इन चिट्ठों को विशेष समय तक चला कर उनकी पठनीयता और प्रासंगिकता बनाए रखेगा। ब्लागप्रहरी ने मुख्य पृष्ठ पर किसी भी चिट्ठों के पसंद-नापसंद देना उचित नहीं समझा ताकि कोई गलतफहमी न हो। ब्लागप्रहरी पर किसी भी प्रकाशित सामग्री को वहीं पढ़ा जा स‌कता है। चाहें तो लेखक के निजी ब्लॉग पर भी जा सकते हैं। शीर्षक पर क्लिक करते ही, पूरी पोस्ट वहीं खुल जायेगी। आप अपनी प्रतिक्रिया भी वहीं दर्ज कर सकते हैं। आपको लिंक फालो कर उस व्यक्ति विशेष की साइट पर जाने की जरूरत नहीं है।

    यह व्यवस्था क्यों?

    लिंक फालो कर आप करीब 2-3 मिनट में उस लेख तक पहुंचते हैं और आपका वक्त तब सार्थक होता है जब आपको कुछ अच्छा पढ़ने को मिले। रैंकिग विजेट, ट्रैफिक स्टैट्स काउन्टर ब्लागर्स को कन्फ्यूज करते हैं। ब्लॉगप्रहरी पर छपने वाली पोस्ट पर पर 15 ब्लागप्रहरियों की नज़र होगी। विशेष प्रहरी के तौर पर कई गणमान्य और वरिष्ठ साहित्यिक, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल होंगे जो अक्सर अपनी मौजूदगी का अहसास कराते रहेंगे।


    दोबारा शुरू हुआ हिंदी का नंबर वन ब्लॉग एग्रीग्रेटर  ब्लॉगवाणी

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